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नामली की आध्यात्मिक गौरवगाथा - 50 वर्षों की तपस्या और आधुनिक विकास की नई डगर।

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नामली की आध्यात्मिक गौरवगाथा - 50 वर्षों की तपस्या और आधुनिक विकास की नई डगर। ​नामली (रतलाम मध्यप्रदेश): हमारे आसपास कई ऐसे स्थान होते हैं, जो केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि सदियों की आस्था और तपस्या के प्रतीक होते हैं। रतलाम जिले के नामली स्थित 'सैलाना फंटा' पर स्थित "श्री 1008 ब्रह्मलीन नागा बाबा श्री दयानंद पुरी जी महाराज श्री शनि मंदिर, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा" एक ऐसा ही पावन स्थल है, जो अपनी 50 वर्षों की अनकही गाथाओं के साथ अब आधुनिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। ​एक गड्ढे से तपोभूमि तक का सफर ​आज जो स्थान भव्यता की ओर अग्रसर है, उसका अतीत बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। लगभग पांच दशक पूर्व, जब 1008 श्री दयानंद पुरी महाराज ने इस स्थान को अपनी साधना के लिए चुना था, तब यह क्षेत्र एक वीरान 'गड्ढा' (गट्टा) हुआ करता था। लेकिन एक संत की दूरदृष्टि और भक्तों के अटूट विश्वास ने उस गड्ढे को एक भव्य तपोभूमि में बदल दिया। श्री दयानंद पुरी महाराज के बाद, उनके शिष्यों और वर्तमान में गुरुदेव संत श्री त्र्यंबकेश्वर गिरी महाराज (श्री अमेरिकन बाबा) के कुशल मार्गदर...

नौगांवा कला: तप, सेवा और हरियाली से जागृत होता एक देवस्थल ,बुधवार को विशाल महा भण्डारा।

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नौगांवा कला: तप, सेवा और हरियाली से जागृत होता एक देवस्थल ,बुधवार को विशाल महा भण्डारा। नामली से करीबन 10 किलोमीटर दूर नौगांवा कला की पावन पहाड़ियों पर आयोजित ‘पंचकुण्डात्मक शतचंडी समन्वित श्री राम मारुति महायज्ञ’ के बहाने एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आता है—यह स्थल केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहा, बल्कि बीते नौ वर्षों में यह एक जीवंत, विकसित और जागृत देवस्थल के रूप में उभरा है।  यहां की वर्तमान स्थिति इस बात का प्रमाण है कि जब आस्था, तप और सेवा का संगम होता है, तो बंजर भूमि भी हरियाली में बदल जाती है। बुधवार को 22 अप्रैल सुबह 9 बजे श्री गंगा जल आयोजन किया जाएगा जिसमें में गंगा भरने ने श्रद्धालुओं नौगांव कला गांव से गांगजल भरके लाएंगे जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं पहुंचेंगे,महाआरती के बाद 1 बजे विशाल भण्डारे का आयोजन होना किसको लेकर श्रद्धालुओं द्वारा तैयारीयां की जा रही है । हरियाली का संकल्प: सेवा से सजीव हुआ परिसर। आज जहां विशाल यज्ञ और हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब दिखाई देता है, वहीं कुछ वर्ष पूर्व यह क्षेत्र अपेक्षाकृत सूना और प्राकृतिक रूप स...