नौगांवा कला: तप, सेवा और हरियाली से जागृत होता एक देवस्थल ,बुधवार को विशाल महा भण्डारा।
नौगांवा कला: तप, सेवा और हरियाली से जागृत होता एक देवस्थल ,बुधवार को विशाल महा भण्डारा। नामली से करीबन 10 किलोमीटर दूर नौगांवा कला की पावन पहाड़ियों पर आयोजित ‘पंचकुण्डात्मक शतचंडी समन्वित श्री राम मारुति महायज्ञ’ के बहाने एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आता है—यह स्थल केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहा, बल्कि बीते नौ वर्षों में यह एक जीवंत, विकसित और जागृत देवस्थल के रूप में उभरा है। यहां की वर्तमान स्थिति इस बात का प्रमाण है कि जब आस्था, तप और सेवा का संगम होता है, तो बंजर भूमि भी हरियाली में बदल जाती है। बुधवार को 22 अप्रैल सुबह 9 बजे श्री गंगा जल आयोजन किया जाएगा जिसमें में गंगा भरने ने श्रद्धालुओं नौगांव कला गांव से गांगजल भरके लाएंगे जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं पहुंचेंगे,महाआरती के बाद 1 बजे विशाल भण्डारे का आयोजन होना किसको लेकर श्रद्धालुओं द्वारा तैयारीयां की जा रही है । हरियाली का संकल्प: सेवा से सजीव हुआ परिसर। आज जहां विशाल यज्ञ और हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब दिखाई देता है, वहीं कुछ वर्ष पूर्व यह क्षेत्र अपेक्षाकृत सूना और प्राकृतिक रूप स...