जनधन की भूमि, जनविश्वास का खेल” – प्रधानमंत्री आवास के नाम पर नामली में जमीन कब्ज़े का खेल।
“जनधन की भूमि, जनविश्वास का खेल” – प्रधानमंत्री आवास के नाम पर नामली में जमीन कब्ज़े का खेल।
नामली /रतलाम मध्यप्रदेश
नामली के वार्ड नम्बर 6 में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के पात्र हितग्राहियों से जुड़े भू‑विवाद के मामले में दस्तावेजों के आंकलन से एक चौंकाने वाला राज सामने आया है। स्थानीय जनता का आरोप है कि जिस जगह को धार्मिक स्थल घोषित करने की कोशिश की जा रही है, वह वास्तव में नगर परिषद नामली के रिकॉर्ड में दर्ज एक नागरिक नामज़द भूमि है, जिस पर राजनीतिक–सामाजिक दबाव के ज़रिए कब्जा हथियाया जा रहा है।
धार्मिक स्थल की आड़ या जमीन हड़पने की साजिश ?
सूत्रों के अनुसार, इस भूमि को “राजस्व भूमि” घोषित करने की कोशिश की जा रही थी, मगर पुराने दस्तावेजों से साफ़ पता चलता है कि यह भूमि नगर परिषद नामली के रिकार्ड में स्वर्गीय गुलाब बाई (पिता गिरधारी लाल, जाति कण्डरा) के नाम दर्ज है, जिसकी समग्र आईडी क्रमांक 7001294973 दर्ज है। भूमि का आकलन लगभग 110 फीट लंबाई और 170 फीट चौड़ाई के रूप में किया गया है।
स्थानीय जागरूक वार्डवासी अर्जुन सिंह सोनगरा ने सूचना के अधिकार कानून के तहत नगर परिषद को पत्र भी दिया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि यह भूमि “शासकीय भूमि है मगर यह नहीं बताया गया की भूमि नगर परिषद नामली के मध्य आती है इससे स्पष्ट होता है कि नगर परिषद नामली स्वयं कब्जेधारियों से कब्जा करवा रही है । मगर कोशिश की जा रही है कि इसी भूमि को धार्मिक स्थल घोषित करने और एक “शून्य आडिट” वाली संस्था के नाम पर कब्जा स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
भीम आर्मी के पदाधिकारी पर गंभीर आरोप।
इस मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भीम आर्मी से जुड़े एक पदाधिकारी मोहन परिहार इस भूमि को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश में हैं। उन पर आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों से छोटे‑मोटे धार्मिक आयोजनों की आड़ में एक रजिस्टर्ड संस्था के नाम पर यहां कब्जा बनाया जा रहा है, जिसकी आडिट रिपोर्ट “शून्य” दर्ज है और वह संस्था ही औपचारिक रूप से शून्य घोषित की जा चुकी है।
स्थानीय वार्डवासी बताते हैं कि परिहार ने अपनी निजी बसों और फोरलेन वाहनों को भी इस भूमि पर खड़ा कर रखा है और यहां दंगा जैसी स्थिति बनाकर कलेक्टर के पास जमीन की मांग करने का दौर भी चल रहा है, जिसे स्थानीय लोग “अमान्य” मान रहे हैं।
कलेक्टर पर हत्याभावी बयान और राजनीतिक दबाव ।
मामला और गर्म हो गया है जब भीम आर्मी के मोहन परिहार ने अपने निजी यूट्यूब चैनल पर रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह पर हत्या का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से अनाप‑शनाप आरोप लगाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी व्यक्ति के पास सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट वायरल करने का पुराना रिकॉर्ड है और इससे पहले उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है, जबकि जिला बदर की कार्रवाई तक की तैयारी की गई थी।
वार्ड नंबर‑6 के पार्षद बलवंत सिंह सोनगरा ने बताया कि नगर परिषद नामली से लेकर कलेक्टर और एसपी तक पीएमएवाई के पात्र हितग्राहियों की सही तरह से मदद नहीं हो पा रही, जबकि इसी भूमि पर मोहन परिहार और उनसे जुड़े तत्व कब्जा बनाना चाहते हैं। लाखों समझाइश के बाद भी दोनों पक्षों में विवाद बना हुआ है, जिससे गरीब हितग्राही अपने पक्के मकान के सपने से वंचित होते जा रहे हैं। पुलिस, चिकित्सालय और चुप्पी की राजनीति ।स्थानीय लोगों के अनुसार, जब दोनों पक्षों में मारपीट का मामला उभरा तो पुलिस ने मददगार नजर आने के बजाय दोनों पक्षों पर “कायमी” की कार्रवाई कर दी। देर रात नामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पुलिस ने पीड़ितों का मेडिकल करवाने के बजाय उन्हें सीधे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। थाना प्रभारी ने पार्षद बलवंत सिंह सोनगरा की बात सुनने के बजाय दोनों पक्षों के खिलाफ त्वरित प्राथमिकी दर्ज कर अपना काम “पूरा” कर दिया, जिससे स्थानीय जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
वार्ड‑6 की रिक्त भूमि पर चल रही साजिश।
स्थानीय वार्डवासियों के अनुसार, वार्ड नंबर‑6 में पिछले कई वर्षों से रिक्त पड़ी भूमि को लेकर साजिश चल रही है। कुछ लोगों ने बार पत्थर क्षेत्र और फोरलेन मार्ग के किनारे भी अवैध कब्जा बना रखा है, मगर स्थानीय जिम्मेदार अधिकारी ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में असमर्थ दिख रहे हैं।
कलेक्टर से सीधे शिकायत की तैयारी।
पार्षद बलवंत सिंह सोनगरा और अन्य वार्डवासी अब कलेक्टर मिशा सिंह के पास सीधे लिखित शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका आग्रह है कि नगर परिषद के रिकॉर्ड और आईडी‑नंबर के आधार पर इस भूमि का वास्तविक विवरण प्रकाशित किया जाए, ताकि भू‑विवाद के नाम पर जनता, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राही, और अधिक क्षति न उठाएं।
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