रहस्यमय मौत: शिवम राठौड़ की मौत पर उठ रहे हैं गहरे सवाल।
रहस्यमय मौत: शिवम राठौड़ की मौत पर उठ रहे हैं गहरे सवाल।
रतलाम -शिवम राठौड़ की मृत्यु ने नगर में सनसनी फैला दी है। 27 वर्षीय शिवम की लाश 13 फरवरी को संगत बाऊजी रतलाम रोड के अंडर ब्रिज के पास मिली, जिससे डर और खौफ की लहर पूरे क्षेत्र में महसूस की जा रही है। परिजनों और स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल है, और सबकी जुबां पर एक ही सवाल है - शिवम की मौत का रहस्य क्या है?
शिवम की लाश: परिस्थिति और सवाल।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, शिवम की लाश एक साधारण अवस्था में पड़ी हुई थी। परिजनों का मानना है कि अगर उसकी मृत्यु जहर पीने से होती तो वह अंतिम क्षणों में आस-पास की मिट्टी को नोचता। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिस किटनाशक दवाई की बात की जा रही है, उससे मौत संभव नहीं है। घटना स्थल से उस दिन कोई किटनाशक दवाई की शीशी नहीं मिली, जबकि दो दिन बाद एक झाड़ी से शीशी मिलने से संदिग्ध प्रतीत होता है। वहीं दूसरी और परिजनों द्वारा बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मंदीरा का सेवन करना नहीं आया है यह भी परिवारजनों के लिए संदेश पैदा कर रहा है वहीं पुलिस का मानना है कि अधिक मंदीरापान करने के कारण शरीर में कोई हरक़त पैदा नहीं हुई है और किटनाशक दवाई से मृत्यु हो गई । वहीं मोबाइल फोन इस मामले की अहम कड़ी है जिसे पुलिस अभी तक ढूंढ़ रही है।
पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ।
सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई है, जिससे मामला आत्महत्या की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। लेकिन परिजन इस निष्कर्ष से असहमत हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य नेता राजेश भरावा , राठौड़ तेली समाज अध्यक्ष अशोक राठौड़, वरिष्ठ समाजसेवी नंदकिशोर चौहान, किसान नेता बंटी डाबी, व्यापारी महेश भंसाली,पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष संजय चौहान, पार्षद प्रतिनिधि अजय जोगचंद्र , मंडी विधायक प्रतिनिधि गणेश गुर्जर पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष मदनलाल परमार, नामली प्रेस क्लब सचिव राकेश कुमार आड़ा और वरिष्ठ नागरिकों ने पुलिस प्रशासन को सात दिनों का अल्टिमेटम दिया है कि अगर निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
व्यापारी के साथ अंतिम समय की गतिविधियां ।
सूत्रों के मुताबिक, शिवम की अंतिम समय में एक व्यापारी के साथ अंतिम दृश्य CCTV फुटेज में भी कैद हुआ है। बताया गया है कि दोनों ने साथ में मदीरा का सेवन किया और बाद में शिवम को टापरी में छोड़ दिया गया। इस मामले में व्यापारी की भूमिका पर सवाल उठे हैं, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी नहीं की है। वहीं बार पत्थर क्षेत्र का एक विषय को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
आरोपी और पुलिस की कार्रवाई।
इस बीच, पुलिस ने चार संदिग्धों की तलाश करने के लिए कई दबिशें दी हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की है और जल्द ही इसकी तहकीकात पूरी होने की उम्मीद है।
जनता की मांग: SIT या CBI जांच।
परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने एसआईटी या सीबीआई जांच की मांग की है। 20 फरवरी को शिवम राठौड़ के भाई ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था जिसमें नगर के गणमान्य नागरिकों ने न्याय यात्रा निकाली थी। फिलहाल, शिवम राठौड़ की मौत के मामले में कई सवाल और अनसुलझे रहस्य बरकरार हैं। पुलिस की कार्रवाई और सार्वजनिक दबाव के चलते इस मामले का जल्द ही खुलासा होने की उम्मीद है, जिससे सच सामने आ सके और शिवम के परिवार को न्याय मिल सके। समाज की ओर से उठाए जा रहे कदम इस बात की ओर इंगित करते हैं कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए है। अब देखना यह है कि पुलिस इस जटिल मामले का कैसे समाधान करती है।
शोसल मिडिया के प्लेटफार्म वाट्सएप पर यह मृतक शिवम का पुराना फोटो शेयर करते हुए लिखा जा रहा है अंधा कानून।
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