प्रशासनिक चौखट पर पहुंची जंग; भीम आर्मी नेता पर गुंडागर्दी और अवैध कब्जे का आरोप, पत्रकार को भी दी जा रही 'एक्ट' में फंसाने की धमकी।

नामली: वार्ड नंबर 6 में भूमि विवाद ने पकड़ा तूल, महिलाओं ने खोला मोर्चा ।
नामली।
​प्रशासनिक चौखट पर पहुंची जंग; भीम आर्मी नेता पर गुंडागर्दी और अवैध कब्जे का आरोप, पत्रकार को भी दी जा रही 'एक्ट' में फंसाने की धमकी

​नामली/रतलाम मध्यप्रदेश ।नगर परिषद नामली के वार्ड क्रमांक 6 (गढ़ के पीछे) स्थित बहुचर्चित भूमि विवाद अब एक बड़े टकराव में तब्दील हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पट्टे प्राप्त गरीब हितग्राहियों और स्थानीय महिलाओं ने जिला प्रशासन से लेकर पुलिस तक न्याय की गुहार लगाई है। सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपा और भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन परिहार व उनके सहयोगियों पर क्षेत्र में 'आतंक' फैलाने का गंभीर आरोप लगाया।
​मुख्य बिंदु: आरोपों की बौछार
​महिलाओं और शिकायतकर्ताओं ने अपने ज्ञापनों (ज्ञापन क्रमांक 1 व 2) में निम्नलिखित प्रमुख दावे किए हैं:
​पी एम आवास निर्माण में बाधा: महिलाओं का आरोप है कि उन्हें शासन से पट्टे आवंटित हो चुके हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि भी मंजूर हो गई है। लेकिन जब वे निर्माण कार्य शुरू करती हैं, तो मोहन परिहार और उसके साथी लाठी-डंडों के साथ आकर गाली-गलौज करते हैं और मारपीट कर काम रुकवा देते हैं।
​फर्जी समिति और अवैध कब्जे की नीयत: शिकायतों में बताया गया कि नगर निगम/नगर परिषद के आधिपत्य वाली शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने की नीयत से 'शितला माता समिति' के नाम से एक फर्जी संस्था बनाकर 30 साल पुराना झूठा कब्जा बताया जा रहा है।
​दलित एक्ट का दुरुपयोग और धमकी: ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि जो भी गरीब परिवारों की मदद कर रहा है—जैसे पत्रकार दिलीप कर्णधार—उन्हें मोहन परिहार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।
​दस्तावेजों की जंग: वसीयत और परिषद के बिल ।
​मामले में दूसरा पक्ष गोपाल सिंह सोनगरा (पिता गंगासिंह सोनगरा) का है। उन्होंने तहसीलदार और थाना प्रभारी को दिए आवेदन में स्पष्ट किया है कि यह भूमि उनकी बुआ श्रीमती गोविंद कुंवर (पति मानदाता सिंह जी) के नाम पर दर्ज है।
​क्षेत्रफल: लगभग 18,700 वर्ग फीट (लंबाई 110 फीट, चौड़ाई 170 फीट)।
​प्रमाण: आवेदन के साथ कर्णधार (कण्डारा) समाज की वरिष्ठ स्वर्गीय पूर्वज'गुलाब बाई कण्डारा' द्वारा की गई वसीयत की प्रति, नगर परिषद नामली के संपत्ति कर के बिल और रसीदें भी संलग्न की गई हैं।
गोपाल सिंह का दावा है कि उनकी बुआ की मृत्यु के बाद वे ही इस भूमि की देखभाल कर रहे थे, लेकिन अब कुछ लोग फर्जी समिति बनाकर उस पर अतिक्रमण करना चाहते हैं।
​राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी ​इस विवाद में 'ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन' (AIMIM) ने भी हस्तक्षेप किया है। जिला अध्यक्ष सुल्तान एजाज खान की ओर से जिलाधीश को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से 'मोहन परिहार, संतोष परिहार' और उनके सहयोगियों के विरुद्ध जिलाबदर, रासुका और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
​प्रशासन से मांगें:
​अतिक्रमण मुक्त भूमि: उक्त व्यक्ति द्वारा गंगाबाई के प्लॉट पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाया जाए।
​सुरक्षा की मांग: वार्ड क्रमांक 6 गढ़ के पीछे एक अस्थाई पुलिस चौकी बनाई जाए ताकि गरीब और मजलूम परिवारों की रक्षा हो सके।
​जांच की मांग: मोहन परिहार और उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों की जांच की जाए और उन्हें आवंटित पट्टों की पात्रता को परखा जाए।
​फिलहाल, प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर जांच का आश्वासन दिया है। लेकिन नामली के इस वार्ड में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, जहाँ एक ओर पट्टा धारक अपना हक मांग रहे हैं, तो दूसरी ओर पुश्तैनी मालिकाना हक के दावे किए जा रहे हैं।
(मोहन परिहार उक्त व्यक्ति समाजसेवा के नाम पर गरीबों का करता शोषण। )

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लेन-देन या साजिश? युवक की मौत पर नामली थाने के सामने लाश रखकर प्रदर्शन, हत्या के आरोप में पांच नामजद।

नामली थाने में 'वर्दी' हुई दागदार: टीआई अमित कोरी पर फरियादी के साथी को पीटने का आरोप, सीसीटीवी में कैद हुई करतूत।

नामली में जुए पर दोहरी कहानी! गोदाम से छोड़े गए जुआरी,जंगल में दिखाई गई ‘सख्त’ कार्रवाई— पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल।