पुलिस अभिरक्षा में संदिग्ध मौत,थाने की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में ।
हवालात में आरोपी की मौत से मचा हड़कंप: नामली थाने की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल।
रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र में हवालात के भीतर दुष्कर्म के आरोपी की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार आरोपी ने थाने की हवालात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली—या फिर इसके पीछे कोई और कारण है, इसे लेकर फिलहाल जांच जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नामली क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग बालिका ने बुधवार शाम अपने ही पिता के खिलाफ दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को उसी रात करीब 10 बजे हिरासत में लेकर हवालात में बंद कर दिया था। बताया जा रहा है कि रात करीब 2 बजे तक पुलिसकर्मियों ने आरोपी को जागते हुए देखा था, लेकिन सुबह करीब 4 बजे वह पजामे की नाड़ी से फांसी लगाकर झूलता हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी सहित एफएसएल टीम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, वहीं एफएसएल जांच भी कराई जा रही है ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह आत्महत्या है या किसी अन्य परिस्थिति का परिणाम। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वहीं मृतक के परिजनों ने पूरे मामले को साजिश करार देते हुए ससुराल पक्ष पर झूठा प्रकरण दर्ज कराने का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि मानसिक दबाव के चलते आरोपी ने यह कदम उठाया।
जिम्मेदारी तय होना तय। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है। हवालात जैसी निगरानी वाली जगह पर आरोपी का आत्महत्या कर लेना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। अब यह जांच का विषय है कि घटना के समय ड्यूटी पर कौन-कौन पुलिसकर्मी तैनात थे और निगरानी में चूक कैसे हुई। सूत्रों के अनुसार, जांच के बाद संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
जनचर्चा और सवाल ।
इधर आमजन के बीच भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे आरोपी के अपराधबोध का परिणाम मान रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे पुलिस व्यवस्था की बड़ी चूक बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि हवालात में ही आरोपी सुरक्षित नहीं है, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। पॉक्सो एक्ट जैसे संवेदनशील कानून के तहत दर्ज इस मामले में आरोपी की मौत ने पूरे घटनाक्रम को और जटिल बना दिया है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस मामले की असली सच्चाई सामने लाएगी।।
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