साहबगिरी नहीं, जनसेवा ही असली पहचान’ : DGP कैलाश मकवाणा का 2025 बैच के प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को बड़ा संदेश।
भोपाल पुलिस मुख्यालय में 08 प्रशिक्षु IAS अधिकारियों से संवाद, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, साइबर सुरक्षा और टीमवर्क को बताया सफल प्रशासन की नींव। भोपाल। मध्यप्रदेश मुख्यालय, भोपाल में सोमवार को मध्यप्रदेश संवर्ग-2025 बैच के 08 प्रशिक्षु IAS अधिकारियों के साथ आयोजित प्रेरणादायी संवाद में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने प्रशासनिक सेवा के मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि "प्रशासनिक सेवा अधिकार नहीं, बल्कि जनसेवा का दायित्व है।" उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि 'साहबगिरी' नहीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता और विनम्रता ही एक सच्चे अधिकारी की वास्तविक पहचान होती है। संवाद के दौरान डीजीपी ने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को अपने जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बनाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसका सत्यापन अवश्य करें तथा हर निर्णय तथ्यों, निष्पक्षता और पारदर्शिता के आधार पर लें। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि पद का अहंकार कभी भी व्यक्तित्व पर हावी नहीं होना चाहिए। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने वर्तमान समय की चुनौतियों का उल्...