धरती के 'भगवान' को सलाम: नामली में पत्रकार शैलेंद्र कोठारी ने केक काटकर मनाया डॉक्टर्स डे, डॉ. दीपक गुप्ता को दीं शुभकामनाएं।

धरती के 'भगवान' को सलाम: नामली में पत्रकार शैलेंद्र कोठारी ने केक काटकर मनाया डॉक्टर्स डे, डॉ. दीपक गुप्ता को दीं शुभकामनाएं।
– 'डॉक्टर्स डे' पर IND 24 TV के पत्रकार कोठारी ने डॉ. दीपक गुप्ता की सेवा भावना को सराहा; शासकीय व निजी डॉक्टरों को दी बधाई
– डॉ. गुप्ता बोले: "पिता डॉ. डी.डी. गुप्ता की विरासत और नामली की जनता का प्यार ही मेरी असली पूंजी"

नामली रतलाम मध्यप्रदेश (महू-नीमच मार्ग)।"ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में एक डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। बीमारी के दौर में उनका एक ढांढस और सही इलाज मरीज को नया जीवन देता है।" इसी सेवा और समर्पण को सम्मान देने के लिए, राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के पावन अवसर पर आईएनडी 24 टीवी (IND 24 TV) के वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र कोठारी नामली ने एक अनूठी पहल की। पत्रकार कोठारी ने नगर के सुप्रसिद्ध दीपक पॉली क्लिनिक के प्रमुख वरिष्ठ डॉ. दीपक गुप्ता के महू-नीमच मार्ग स्थित निवास स्थान पर पहुंचकर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। इस दौरान पॉलीक्लिनिक के वरिष्ठ स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति में केक कटवाकर क्षेत्र के सभी शासकीय और निजी चिकित्सकों को डॉक्टर्स डे की बधाई और मंगलकामनाएं प्रेषित की गईं।
क्यों मनाया जाता है 'डॉक्टर्स डे'?
गौरतलब है कि हर साल 1 जुलाई को देश के महान चिकित्सक, भारत रत्न और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की स्मृति में 'राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे' मनाया जाता है। यह दिन समाज के प्रति डॉक्टरों के अमूल्य योगदान, उनकी रातों की नींद और निस्वार्थ सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए नामली में यह आयोजन संपन्न हुआ।
पिता की विरासत और धार्मिक नगरी नामली से अटूट रिश्ता।
इस आत्मीय सम्मान से अभिभूत होकर डॉ. दीपक गुप्ता ने अपने विचार साझा करते हुए कहा:"यह मेरा परम सौभाग्य है कि मेरे पूजनीय पिताजी डॉ. डी. डी. गुप्ता जी की शासकीय डॉक्टर के रूप में नियुक्ति इसी धार्मिक नगरी नामली में हुई थी। यह पावन नगर हम दोनों पिता-पुत्र की कर्मभूमि बना। पिताजी ने शासकीय सेवा में रहते हुए इस क्षेत्र के अनगिनत और अभावग्रस्त लोगों का उपचार किया। आज उन्हीं के संस्कारों और पदचिन्हों पर चलते हुए, पिछले कई वर्षों से मैं निजी रूप से यहां स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा हूं।"डॉ. गुप्ता ने भावुक होते हुए आगे कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में उनके पास बड़े शहरों में जाने और करियर बनाने के कई बेहतरीन विकल्प उपलब्ध थे, लेकिन नामली और आसपास के ग्रामीण अंचल के लोगों से जो आत्मीय स्नेह, प्रेम और सम्मान उन्हें मिला, उसने उन्हें यहीं रोक लिया। जनता का यही विश्वास उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। आत्मीय संबंधों की मिठास और स्टाफ का आभार
पत्रकार शैलेंद्र कोठारी ने इस मौके पर कहा कि डॉ. दीपक गुप्ता से उनका पुराना और गहरा पारिवारिक स्नेह है। ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर केवल दवा नहीं देते, बल्कि संकट के समय परिवार के सदस्य की तरह संबल बनते हैं। इसी आत्मीयता के नाते पॉलीक्लिनिक के वरिष्ठ स्टाफ के साथ मिलकर यह छोटा सा उत्सव मनाया गया ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जा सके।
इस गरिमामयी अवसर पर पॉलीक्लिनिक का वरिष्ठ स्टाफ और नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने डॉ. दीपक गुप्ता के उज्ज्वल भविष्य, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

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