तहसीलदार के निर्देश पर प्रशासन,बैंक और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई;शाम तक बैंक ने मकान पर चस्पा किया कब्जे का नोटिस,पूरे नगर में दिनभर चर्चाओं का दौर।

कोर्ट के आदेश पर नामली के प्रतिष्ठित इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी के मकान पर बैंक का कब्जा।

तहसीलदार के निर्देश पर प्रशासन, बैंक और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; शाम तक बैंक ने मकान पर चस्पा किया कब्जे का नोटिस, पूरे नगर में दिनभर चर्चाओं का दौर।

नामली (रतलाम मध्यप्रदेश) नगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित एक प्रतिष्ठित इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी के मकान पर गुरुवार को न्यायालय के आदेश के पालन में बैंक ने विधिसम्मत कब्जे की कार्रवाई की। प्रशासन, बैंक अधिकारियों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में चली इस कार्रवाई के बाद शाम तक बैंक अधिकारियों ने मकान पर कब्जे संबंधी नोटिस भी चस्पा कर दिया। पूरे घटनाक्रम के बाद नगर में दिनभर तरह-तरह की चर्चाओं का दौर चलता रहा। उपलब्ध न्यायालयीन दस्तावेज़ के अनुसार, न्यायालय नायब तहसीलदार, टप्पा-नामली,तहसील एवं जिला रतलाम द्वारा जारी आदेश के पालन में यह कार्रवाई की गई। आदेश में स्टेशन रोड, नामली स्थित मकान का वैधानिक कब्जा बैंक को दिलाने के निर्देश दिए गए थे। दस्तावेज़ के अनुसार संबंधित प्रकरण एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड (AU Small Finance Bank Ltd.) द्वारा ऋण वसूली प्रक्रिया के तहत प्रस्तुत किया गया था।
कार्रवाई के दौरान नामली गिरदावर कर्मचंद्र डोडियार ने बताया कि वे तहसीलदार के आदेश पर मौके पर पहुंचे हैं और राजस्व विभाग की ओर से पूरी कार्रवाई नियमानुसार कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य न्यायालय के आदेश का शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत पालन कराना है। मौके पर बैंक की इंदौर एवं रतलाम टीम भी मौजूद रही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार टीम का नेतृत्व चिरनदीप सिंह (पीसीएम) कर रहे थे। कार्रवाई में बैंक अधिकारियों, राजस्व अमले तथा दो बाहरी पुलिसकर्मियों सहित लगभग 15 सदस्यीय टीम शामिल रही। संपूर्ण कार्रवाई के दौरान मकान के बाहर एवं भीतर की वीडियोग्राफी भी कराई गई। सूत्रों के अनुसार संबंधित प्रकरण में करीब 60 लाख रुपये के ऋण की बकाया राशि बताई जा रही है। समाचार लिखे जाने तक मकान का सामान बाहर निकाला जा रहा था तथा बैंक को संपत्ति का कब्जा दिलाने की प्रक्रिया जारी थी। बाद में शाम के समय बैंक अधिकारियों ने मकान पर कब्जा संबंधी नोटिस भी चस्पा कर दिया। नगरवासियों के बीच यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित व्यापारी इलेक्ट्रॉनिक व्यवसाय के क्षेत्र में लंबे समय से अपनी पहचान और प्रतिष्ठा रखते थे। ऐसे में अचानक बैंक द्वारा न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से संपत्ति पर कब्जे की कार्रवाई होने से कई तरह की चर्चाएं सामने आईं। हालांकि ऋण बकाया होने और न्यायालयीन आदेश के बाद ही बैंक ने वैधानिक प्रक्रिया अपनाई। बताया जा रहा है कि व्यापारी की आर्थिक स्थिति पिछले कुछ समय से कमजोर चल रही थी। ऋण का समय पर भुगतान नहीं हो पाने के कारण मामला न्यायालयीन प्रक्रिया तक पहुंचा और अंततः न्यायालय के आदेश के पालन में बैंक को संपत्ति का कब्जा दिलाया गया।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पा सेंटर के बंद कमरों में 'थाईलैंड' का खेल: ₹1800 में मसाज और ₹2000 में अस्मत का सौदा, तुलसी वाटर पार्क में 'पाप' के साम्राज्य का भंडाफोड़।

लेन-देन या साजिश? युवक की मौत पर नामली थाने के सामने लाश रखकर प्रदर्शन, हत्या के आरोप में पांच नामजद।

नामली थाने में 'वर्दी' हुई दागदार: टीआई अमित कोरी पर फरियादी के साथी को पीटने का आरोप, सीसीटीवी में कैद हुई करतूत।