उदयपुर (राजस्थान) मेवाड़ क्षेत्र तहसील झल्लारा के गांव धोलागर खेडा में सेराई मठ पर पांच दिवस यज्ञ का समापन आज गुरुवार शाम 3 बजे तक हो जाएगा ।मठाधीश श्री शिवानंदगिरी जी महाराज ने जानकारी देते हुएं की कोरोना महामारी के कारण दो वर्षों से कोई भी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न नहीं हो पाएं थे पर्वत पर विराजमान श्री धोलागिर महादेव का मेला भी नहीं हो पाया था कोरोना खात्में के साथ सरकारी छूट मिलने और श्रद्धालुओं और भक्तों के निवेदन पर पंच कुण्डिय यज्ञ और नवचंडी लघुरुद्र होमात्पक आयोजन दिनांक 10 अप्रैल से शुरू हुआ जो आज 14 अप्रैल गुरुवार को विशाल भंडारे के साथ शाम को भीलवाड़ा के आर्केस्ट्रा पार्टी द्वारा भजन संध्या होगी भोजन प्रसादी भंडारे का आयोजन गुरुवार 3 बजे से शुरू होगा जो देररात 12 बजे तक चलेगा। जिसमें गाव शेषपुर , धोलागर खेड़ा ,आसपुर ,सागवाड़ा ,डुगंरपुर,घनोड़ा ,पालोदा ,तलवाड़ा बासवाड़ा ,प्रतापगढ़ ,धरियावद ,उदयपुर ,चितोड़गढ़ ,निम्बाहेड़ा,सेबारी ,राजसमन्द मध्यप्रदेश के रतलाम, मंदसौर, नीमच आदि अन्य जिलों के भक्तों द्वारा पुर्णाहुति में शामिल होगे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना जारी है।
स्पा सेंटर के बंद कमरों में 'थाईलैंड' का खेल: ₹1800 में मसाज और ₹2000 में अस्मत का सौदा, तुलसी वाटर पार्क में 'पाप' के साम्राज्य का भंडाफोड़।
कथित सामाजिक संगठन के रसूख की आड़ में फल-फूल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा; SP की टीम ने दबोचा, रसूखदारों द्वारा आरोपी को बचाने की जोड़-तोड़ शुरू; मीडिया की पैनी नजर। विशेष खोजी रिपोर्ट, नामली (रतलाम) मध्यप्रदेश नामली के पंचेड़ रोड स्थित 'तुलसी वाटर पार्क' और उसके भीतर संचालित स्पा (मसाज) सेंटर के बंद कमरों का वो खौफनाक और घिनौना सच सामने आया है, जिसने पूरी धार्मिक नगरी को शर्मसार कर दिया है। मनोरंजन और पर्यटन की आड़ में यहां न केवल अवैध मयखाना (बीयर बार) चल रहा था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का देह व्यापार का सिंडिकेट पैर पसार चुका था। सूत्रों से मिली बेहद चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, इस स्पा सेंटर में 'थाई मसाज' के नाम पर आने वाले ग्राहकों से शुरुआत में एंट्री फीस के रूप में ₹1800 वसूले जाते थे। इसके बाद जब ग्राहक को बंद कमरे में भेजा जाता था, तो वहां थाईलैंड की जवान युवतियों द्वारा शारीरिक संबंध बनाने और सेक्स की भूख मिटाने के एवज में ₹2000 की अतिरिक्त वसूली की जाती थी। यानी मसाज तो सिर्फ एक मुखौटा था, असली खेल जिस्म का सौदा था। कथित सामाजिक संगठन...




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