कलेक्टर मिशा सिंह की सख्ती: बांगरोद-सेमलिया कृषि पंजीयन शिविर का किया निरीक्षण, 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान; शाम 3 से 6 बजे तक लगेंगे शिविर।
सेमलिया में बड़ी संख्या में किसानों का पंजीयन और ई-केवाईसी लंबित, शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन सक्रिय।
रतलाम/नामली मध्यप्रदेश
रतलाम जिले में किसानों के कृषि पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री), किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) एवं ई-केवाईसी कार्यों को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह द्वारा हाल ही में किसान पंजीयन कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें कई ग्राम पंचायतों में पंजीयन कार्य अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने जिलेभर में विशेष शिविर आयोजित कर शेष किसानों का पंजीयन कराने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने बांगरोद-सेमलिया क्षेत्र में आयोजित कृषि पंजीयन शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से किसान पंजीयन, फार्मर आईडी और ई-केवाईसी की प्रगति की जानकारी ली तथा लंबित प्रकरणों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ग्राम पंचायत सेमलिया में अभी भी बड़ी संख्या में किसानों का कृषि पंजीयन और ई-केवाईसी कार्य लंबित है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान स्थिति में सेमलिया क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। इससे किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई आ सकती है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि किसानों को आवश्यक दस्तावेजों, आधार प्रमाणीकरण और तकनीकी प्रक्रियाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाए।सेमलिया पटवारी श्री श्यामेंद्र भदौरिया ने बताया कि कलेक्टर महोदया के निर्देशानुसार क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शेष किसानों के कृषि पंजीयन, फार्मर आईडी एवं ई-केवाईसी कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा ताकि किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार जिले की ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन शाम 3 बजे से शाम 6 बजे तक विशेष कृषि पंजीयन एवं ई-केवाईसी शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह अभियान 30 जून 2026 तक संचालित रहेगा। इसी कड़ी में गुरुवार से नामली पटवारी कार्यालय में भी प्रतिदिन शाम 3 बजे से 6 बजे तक विशेष शिविर लगाया जाएगा, जहां किसान अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर कृषि पंजीयन, फार्मर आईडी एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण करा सकेंगे।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। कई किसानों ने तकनीकी त्रुटियों, दस्तावेजों की कमी एवं ऑनलाइन प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों की जानकारी दी, जिस पर अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए गए। सूत्रों के अनुसार किसान पंजीयन कार्य की धीमी प्रगति को लेकर संबंधित राजस्व अमले से जवाब-तलब भी किया गया है। क्षेत्र में यह चर्चा है कि लापरवाही के संबंध में संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। जिला प्रशासन का मानना है कि कृषि पंजीयन और ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि अनुदान, ऋण सुविधाओं तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से प्राप्त होगा। इसी उद्देश्य से आगामी दिनों में अभियान को और तेज करते हुए प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करें और शिविर में पहुंचकर अपना कृषि पंजीयन, फार्मर आईडी एवं ई-केवाईसी कार्य समय रहते पूर्ण कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी शासकीय योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
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