रतलाम में रफ्तार का कहर: 5 महीनों में 678 हादसों और 126 मौतों से दहला अंचल; मैदान में उतरी पुलिस, खुली 'रोड सेफ्टी क्लास'

यातायात डीएसपी आनंद सोनी और डॉ. योगेश पाटीदार की मौजूदगी में खुली 'रोड सेफ्टी क्लास'; 5 महीनों में 126 मौतों से दहला रतलाम, नियमों को ताक पर रखने वालों को दी गई समझाइश।

नामली/रतलाम मध्यप्रदेश 
 जिला रतलाम में बेलगाम दौड़ती रफ्तार और सड़क हादसों में लगातार बह रहे खून को रोकने के लिए यातायात पुलिस विभाग ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। चालू वर्ष 2026 के शुरुआती 5 महीनों में मौत के डरावने आंकड़ों का आधिकारिक खुलासा करते हुए यातायात विभाग द्वारा महू-नीमच फोरलेन पर स्थित पल्दूना फंटे विजय मैरिज गार्डन मार्केट परिसर में एक वृहद यातायात जागरूकता एवं समझाइश कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यातायात डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी के नेतृत्व और 'सर्व समाज फोरलेन रोड़ सुझाव निगरानी समिति' के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों आम लोगों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया गया। इस दौरान जहां एक तरफ मंच से पुलिस ने खून से सने आंकड़ों को रखकर लोगों को झकझोरा, वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों की टीम ने डमी (पुतले) पर लाइव रिहर्सल करके लोगों को जीवन रक्षा की कसम दिलाई।
रतलाम में रफ्तार का कहर: 5 महीने, 678 हादसे और 126 मौतें।
कार्यक्रम में यातायात विभाग ने चालू वर्ष 2026 (जनवरी से मई) के भीतर हुए सड़क हादसों की दिल दहला देने वाली सांख्यिकी (Data) जनता के सामने रखी। आंकड़ों की तुलना जब पिछले वर्ष से की गई, तो परिसर में सन्नाटा पसर गया:
हादसों में भारी उछाल: वर्ष 2025 के शुरुआती 5 महीनों में जहां 565 सड़क हादसे हुए थे, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 678 पर पहुँच गई है।
असमय थमीं सांसें: बीते वर्ष इस अवधि में 95 लोगों की जान गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 126 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
सड़कों पर बहता खून: हादसों में गंभीर रूप से घायल होने वालों का आंकड़ा 669 (वर्ष 2025) से बढ़कर 786 (वर्ष 2026) हो चुका है।
डीएसपी आनंद सोनी ने कड़े शब्दों में कहा कि ये महज आंकड़े नहीं, बल्कि उजाड़ चुके हंसते-खेलते परिवार हैं। उन्होंने खुलासा किया कि अधिकांश हादसे यातायात नियमों का पालन नहीं करने, रॉन्ग साइड (गलत दिशा) में वाहन चलाने, ड्रिंक एंड ड्राइव और ओवर-स्पीडिंग के कारण हो रहे हैं।
"जब हादसा होता है, तो सबसे सुरक्षित कवच सिर्फ हेलमेट साबित होता है। यह हमारे शरीर के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्से यानी हमारे सिर की रक्षा करता है। चालान के डर से नहीं, अपने परिवार की खातिर हेलमेट पहनें।"
— आनंद सोनी, डीएसपी (यातायात), रतलाम
हॉस्पिटल नहीं लेगा एक भी रुपया: 'राह-वीर योजना' की दी जानकारी
सड़क पर तड़पते घायलों को देखकर भी कानूनी झंझटों के डर से मुंह मोड़ने वाले लोगों की शंकाओं को दूर करते हुए डीएसपी सोनी ने शासन की दो बेहद महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी:कैशलेस और त्वरित इलाज योजना: दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी किसी भी निजी या सरकारी अस्पताल में ले जाएं। शासन की योजना के अंतर्गत घायल के आपातकालीन इलाज की पूरी राशि सीधे संबंधित हॉस्पिटल को ऑनलाइन भेज दी जाती है, जिससे पैसे की कमी के कारण इलाज नहीं रुकता।
राह-वीर (गुड समेरिटन) योजना: यदि कोई आम नागरिक दुर्घटना के पहले 1 घंटे (गोल्डन ऑवर) में घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो पुलिस या कोर्ट उसे परेशान नहीं करेगी। इसके उलट, उसकी सजगता के लिए शासन द्वारा उसे प्रशंसा पत्र और ₹25,000 की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
लाइव डेमोंस्ट्रेशन: डमी पर सिखाया सांसें थामने का हुनर।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और संवेदनशील हिस्सा वह था जब जिला चिकित्सालय के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर योगेश पाटीदार ने मंच पर एक कृत्रिम पुतले (डमी) पर रिहर्सल शुरू की। डॉ. पाटीदार ने लाइव डेमो देकर आमजन को सिखाया कि:एक्सीडेंट के तुरंत बाद घायल को किस पोजीशन में लिटाना चाहिए।
यदि सांसें रुक रही हों, तो सीपीआर (CPR) कैसे दिया जाता है। सिर या हाथ-पैर से बहते खून को अस्पताल ले जाने से पहले कैसे नियंत्रित करें।
डॉक्टर ने बताया कि यदि प्राथमिक उपचार सही समय पर मिल जाए, तो तड़पते हुए घायल की जान तुरंत बचाई जा सकती है।
निगरानी समिति ने सौंपे सुझाव, जनता को बांटे गए हेलमेट।
इस दौरान सर्व समाज फोरलेन रोड़ सुझाव निगरानी समिति के अध्यक्ष बंटी डाबी और नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने भी जनता को संबोधित किया और हाईवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं को और पुख्ता करने पर बल दिया। कार्यक्रम में गंभीरता से नियमों को समझने वाले और यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लेने वाले स्थानीय नागरिकों को पुरस्कार स्वरूप हेलमेट प्रदान किए गए। कार्यक्रम और महाअभियान को सफल बनाने में सर्व समाज फोरलेन रोड़ सूझाव निगरानी समिति पार्षद बलवंत सिंह सोनगरा, थाना नामली से सहायक उप निरीक्षक हीरालाल चंदन, आरक्षक संजय खिची, यातायात पुलिस थाने से आरक्षक संजय राठौर, आरक्षक रविन्द्र सिंह और पुलिस जवान माखनसिंह सहित भारी संख्या में ग्रामीण व वाहन चालक उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सुरक्षित सफर की शपथ ली।

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