रतलाम पुलिस का बढ़ा गौरव: 7 जांबाज़ अधिकारियों को मिली नियमित DSP पदोन्नति, समर्पण और उत्कृष्ट सेवा का मिला बड़ा सम्मान।
रतलाम पुलिस का बढ़ा गौरव: 7 जांबाज़ अधिकारियों को मिली नियमित DSP पदोन्नति, समर्पण और उत्कृष्ट सेवा का मिला बड़ा सम्मान।
एसपी अमित कुमार ने दी शुभकामनाएं, वर्षों की मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा का मिला सम्मान, पुलिस महकमे में खुशी की लहर।
रतलाम/मध्यप्रदेश
मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी पदोन्नति आदेश ने रतलाम पुलिस को गौरव का नया अध्याय दिया है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में निरीक्षकों की नियमित पदोन्नति प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में अधिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बनाया है। इस सूची में रतलाम जिले के 7 पुलिस अधिकारियों को नियमित डीएसपी पद पर पदोन्नति मिली है। यह पदोन्नति वर्षों की निष्ठा, अनुशासन, उत्कृष्ट कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का सम्मान मानी जा रही है। हाल ही में गृह विभाग ने निरीक्षकों की नियमित डीएसपी पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। आदेश जारी होते ही रतलाम पुलिस परिवार में उत्साह का माहौल बन गया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने सभी नवपदोन्नत अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया।
कार्यवाहक से नियमित DSP बने तीन अधिकारी
पदोन्नति सूची में तीन ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो पहले से कार्यवाहक डीएसपी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे थे। अजय सारवान ने महिला अपराध शाखा में रहते हुए महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों के त्वरित और निष्पक्ष निराकरण से अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी कार्यशैली हमेशा संवेदनशील और परिणामोन्मुख रही है।
किशोर पाटनवाला, जो वर्तमान में एसडीओपी (ग्रामीण) हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और आमजन से बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए जाने जाते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी शांत, संतुलित और प्रभावी पुलिसिंग उनकी पहचान रही है।
श्री किशोर पाटनवाला
युवराज सिंह, वर्तमान सीएसपी जावरा, ने संवेदनशील क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
चार थाना प्रभारियों को मिला DSP बनने का गौरव
निरीक्षक से नियमित डीएसपी बनने वाले चार थाना प्रभारी भी अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण जिले में अलग पहचान रखते हैं।
श्रीमती गायत्री सोनी (थाना प्रभारी, औद्योगिक क्षेत्र रतलाम) ने कई चर्चित मामलों का खुलासा कर अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। अनुशासन, निर्भीकता और प्रभावी पुलिसिंग उनकी विशेष पहचान रही है।
श्रीमती गायत्री सोनी
श्रीमती पार्वती (थाना प्रभारी, आजाक) ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से जुड़े मामलों में संवेदनशील और निष्पक्ष कार्रवाई कर लोगों का विश्वास जीता।
श्रीमती पार्वती
प्रकाश गडरिया (थाना प्रभारी, औद्योगिक क्षेत्र जावरा) अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और कानून का प्रभावी पालन कराने के लिए जाने जाते हैं।
सुरेंद्र गडरिया (थाना प्रभारी, रावटी) ने सीमावर्ती एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेहनत, ईमानदारी और समर्पण का मिला सम्मान
पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि चौबीसों घंटे समाज और राष्ट्र की सुरक्षा का दायित्व है।
विषम परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधियों पर कार्रवाई करना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस अधिकारियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को उच्च पद पर पदोन्नति मिलना पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणा का विषय है। रतलाम के इन सात अधिकारियों की पदोन्नति से न केवल जिले का सम्मान बढ़ा है, बल्कि युवा पुलिसकर्मियों में भी बेहतर कार्य करने का उत्साह बढ़ा है। पुलिस विभाग को विश्वास है कि ये अधिकारी अपने नए दायित्वों का भी पूरी निष्ठा, निष्पक्षता और दक्षता के साथ निर्वहन करेंगे।
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